By | October 26, 2018

कंप्यूटर का इतिहास

(History of Computers)

आधुनिक कंप्यूटर को अस्तित्व में आए हुए मुश्किल से 50 वर्ष ही हुए हैं लेकिन इसके विकास का इतिहास बहुत पुराना है|  कंप्यूटर का जो स्वरूप आज हम देख रहे हैं वह अचानक ही विकसित नहीं हुआ,  बल्कि यहां हजारों वर्षों की वैज्ञानिक खोजें और विभिन्न प्रकार के आविष्कारों से संभव हुआ है |

गणना करने के लिए सर्वप्रथम अबेकस (Abacus)  अस्तित्व  में आया था और इसके बाद विभिन्न प्रकार के  यंत्रों का विकास हुआ जिनका उपयोग गणना करने के लिए किया जाता था  उनमें से कुछ यंत्रों का उपयोग आज भी  गणना करने के लिए होता है|

इसका संक्षिप्त परिचय नीचे दिया गया है:-

(a) Abacus (अबेकस )

Abacus का आविष्कार चीन में 16 वी शताब्दी में ली काई चेन के द्वारा किया गया था | इसका इतिहास 5000  वर्ष से भी ज्यादा पुराना है| आश्चर्य कर देने वाली बात है Abacus आज भी अपने प्रारंभिक रूप मेंदेखा जा सकता है|

Abacus  लकड़ी का आयताकार ढाँचा होता है,  जिसमें क्षैतिज छड़े होती हैं| इन क्षणों में तारों की सहायता से छिद्र युक्त मिट्टी या लकड़ी के  गोल  टुकड़े पिरोए रहते हैं | यह दो भागों में  बटा होता है इसके ऊपरी भाग को हैवन तथा नीचे के भाग को अर्थ कहां जाता है| ऊपर वाले गोल टुकड़े का मान 5 होता है तथा नीचे वाले प्रत्येक गोल टुकड़े का मान 1 होता है| इस का प्रयोग जोड़ (addition) घटने (subtraction) के लिए किया जाता था |

(b) Napier’s Bons  (नेपियर बोन्स )

Napier’s Bons का अविष्कार स्कॉटलैंड में 1617 में John Napier के द्वारा कुछ आयताकार  पट्टियों का निर्माण किया गया था किया गया था,  जिसकी सहायता से गुणा करने  की क्रिया अत्यंत शीघ्रतापूर्वक की जा सकती थी |  इन पट्टियों का निर्माण जानवरों की हड्डियों से किया जाता था, इसी कारण इसका नाम नेपियर बोंस पड़ा|  इस का प्रयोग एडिशन, सब्ट्रैक्शन, मल्टिप्लिकेशन और डिवीज़न के लिए किया जाता था ।

(c) Slide Rule (स्लाइड रूल)

Slide Rule का अविष्कार जर्मनी में 1620 में विलियम आट्रेड के द्वारा किया गया था| इसके द्वारा लघुगुणक विधि के आधार पर सरलता से गणनाएं  की जा सकती थी | इसमें दो विशेष प्रकार से चिन्हित पट्टियां होती हैं, बराबर में रखकर आगे पीछे खिसकाया जा सकता है| इस का प्रयोग वर्गमूल (Square root), लघुगणक (Logarithm) एवं त्रिकोणमित्तीय फलनों (Trigonometric Functions) की गणना के लिए किया जाता था ।

(d) Pascal’s Calculator ( पास्कल का गणना यंत्र)

Pascal’s Calculator का अविष्कार फ्रांस में 1642 में Blaise Pascal  के द्वारा किया गया था | यह गणनाएं करने वाला पहला वास्तविक यंत्र था|  इसका निर्माण पास्कल ने अपनी 18 वर्ष की उम्र में अपने पिता जो कि एक टैक्स सुपरिंटेंडेंट थे उनकी सहायता के लिए किया था| इस का प्रयोग एडिशन, सब्ट्रैक्शन, मल्टिप्लिकेशन और डिवीज़न के लिए किया जाता था ।

(e) Mechanical Calculator of Leibniz  (लिबनिज़ का मैकेनिकल कैलक्यूलेटर)

इस का अविष्कार जर्मनी में 1671 में गाटफ्रीड विलहेल्म लाइबनिज   के द्वारा किया गया  था | इसका निर्माण पास्कल के कैल्कुलेटर में कई महत्वपूर्ण बदलाव के बाद संभव हुआ, इस का प्रयोग एडिशन, सब्ट्रैक्शन, मल्टिप्लिकेशन और डिवीज़न के लिए किया जाता था ।इस यंत्र से गणनाएं करने की गति तीव्र हो गई|  इस मशीन का व्यापक पैमाने पर निर्माण किया गया था| कार व स्कूटर के स्पीडो मीटर में इसका उपयोग होता है |

(f) Difference Engine  (डिफरेंस इंजिन)

इस का अविष्कार ब्रिटिश में 1822 में चार्ल्स बैबेज   के द्वारा किया गया था |  जिनको आधुनिक कंप्यूटर का जनक कहा जाता है| इसके द्वारा विभिन्न बीजगणितीय फलनों का मान दशमलव के 20 स्थानों तक शुद्धता पूर्वक ज्ञात किया जा सकता था|  इस मशीन में शाफ़्ट और गियर लगे होते थे तथा यह मशीन भाप से चलती थी | इस मशीन का उपयोग उन दिनों डाक, रेल,  बीमा,  तथा  व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता था|

(g) Analytical Engine (1833)

डिफरेंस इंजन की सफलता से प्रेरित होकर चार्ल्स बैबेज एक ऐसे हीयंत्र की रूपरेखा तैयार की  जिसमें  इनपुट, आउटपुट,  स्टोर, कंट्रोल,  तथा मिल  जैसे मुख्य   पांच भागों में बांटा गया था,  जिस का प्रारूप आज के कंप्यूटर से काफी हद तक मिलता है|  इस मशीन की संरचना अपने आप में संपूर्ण थी,  इसमें न केवल अंक गणितीय क्रियाओं को करने की क्षमता थी बल्कि आउटपुट को  स्टोर करने का विचार भी इसी मशीन में पहली बार प्रस्तुत किया गया था|

(h) Tabulating Machine(टैबुलेटिंग मशीन)

इस का अविष्कार 1880 में Herman Hollerith (हरमन होलेरिथ) के द्वारा किया गया था |  इसमें इनफार्मेशन को punched कार्ड्स में स्टोर किया जाता था | 1896 में होलेरिथ ने टेबुलेटिंग मशीन कंपनी की स्थापना की थी जिसको 1924 में International Business Machines (IBM) कर दिया गया |

(i) Mark-1 (मार्क -1)

इस का अविष्कार 1930 में हावर्ड  आइकॉन   के द्वारा किया गया था | यह  विश्व की पहली Electromechanical  Calculation machine थी |

(ii) ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Calculator ) (एनिऐक)

इस का अविष्कार 1946 में J. Presper Eckert and John Mauchly   के द्वारा किया गया था | यह  विश्व का पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था |

(iii) EDSAC (Electronic Delay Storage Automatic Calculator)

इस का अविष्कार 1949 में Maurice Wilkes ( मॉरीस विल्केस )   के द्वारा किया गया था |

12 Replies to “History of Computers”

  1. Piyush kumar

    Very-very useful site… Best knowledge in simple language..
    ..bahoot bahoot aabhar apka sir ji..

    Reply
  2. Neyam Raaj

    Nice information sir
    Aise hi sir information dete rahiye study material

    Reply

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